Just Think & Live

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Friday, March 11, 2011

I Will Be Living

हर शै में मेरी सूरत पाओगे, 
जब मैं न रहूँगा! 
ज़र्रों में भी मेरी झलक पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
तनहाइयों में मेरी ही आवाज़ पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
हर राह से मेरी ही पहचान पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
खिलखिलाते फूलों में मेर्री ही हंसी पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
झोकों में हवा के मेरी कमी पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
आइना देख खुद को अधुरा पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
खोकर मुझे जहाँ में मेरा मलाल पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
पंछियों से मेरे ख्वाबों का एहसास पाओगे,
जब मैं न रहूँगा! 
ग़ज़लों को मेरी सुन, मेरा पैगाम पाओगे,
जब मैं न रहूँगा!

Sunday, March 6, 2011

A Life

We all have our own life to pursue, our own kind of dream to be weaving. And we all have some power to make wishes come true, as long as we keep believing.


Life is meaningless only if we allow it to be. Each of us has the power to give life meaning, to make our time and our bodies and our words into instruments of love and hope.

Saturday, March 5, 2011

See the Sun




Smile in Pain

बहुत छोटी छोटी होती हैं साँसे हमारी, पर ज़िन्दगी लगती नहीं छोटी हमारी!
कभी नहीं बांध पाती हैं साँसों की डोर को जमीं  पर मिलके ये दुनिया सारी!

इत्मिनान रखना भी नहीं हो सकता है मुमकिन, गर पता चले हालत हमारी! 
सबसे जुदा तजुर्बा ऐ ज़ीस्त है हमारा की दर्दमय होके नहीं जाती मुस्कान हमारी!