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Thursday, April 21, 2011

View of life

 प्रकृति का नियम है कि हमारे द्वारा किये गए किसी भी काम (चाहे पाप हो या पुण्य हो ) उसका परिणाम बराबर मात्रा में मिलता है ! इसलिए हर काम सोच समझकर करना चाहिए कि उसका क्या प्रतिफल होगा ! हम चाहे कितने भी जतन कर लें पर भगवान (ईश्वर) से और अपने आप के मन से कुछ भी नहीं छुपा रहता है इसलिए जितना ज्यादा हो सके सकारात्मक कार्य ही करें जिससे ज्यादा भला हो किसी का बुरा न हो !दुनिया इतनी बड़ी है कि इसमें हमारी हस्ती न के बराबर है , क्यूंकि आँखों भर आकाश और बांहों भर संसार नहीं होता और विस्तृत होता है !