Just Think & Live

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Wednesday, October 6, 2010

Just Think & Live

इतने नरम मत बनो की लोग तुम्हे नीचे दबा सकें |
इतने गरम मत बनो कि लोग तुम्हे छू ना सकें|
इतने सरल मत बनो कि लोग तुम्हे मुर्ख बना सकें |
इतने सस्ते मत बनो कि लोग तुम्हे खरीद सकें |
इतने महंगे मत बनो कि लोग तुम्हे सोच ना सकें| 

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